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हिसार एयरपोर्ट : पीडब्ल्यूडी ने बना दी 180 करोड़ रुपये खर्च करके बिना नींव बाउंड्री वॉल

हिसार ऐयरपोर्ट के चारों तरफ जो बाउंड्री वॉल बनाई गई है, उस पर 180 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। हैरानी की बात यह है कि यह बाउंड्री वॉल बिना नींव डाले ही बना दी गई। इस दीवार को पीडब्ल्यूडी ने बनाया था। ऐसे में अब एयरपोर्ट के कामकाज से पीडब्ल्यूडी को बाहर कर दिया गया है। भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है। डीजीसीए अ​धिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में सरकार को सलाह दी है कि पीडब्ल्यूडी से अब यहां पर कोई काम नहीं करवाया जाए। अब सारा काम एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की निगरानी में ही होगा।


दुष्यंत चौटाला के पास था विभाग
हिसार एयरपोर्ट का सारा काम पिछली गठबंधन सरकार में हुआ था। उस समय यह काम पीडब्ल्यूडी ने किया था। पीडब्ल्यूडी विभाग ​उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास था। बाउंड्री वॉल के अलावा डीजीसीए की रिपोर्ट में इंस्पेक्शन रोड समेत कुछ अन्य कार्यों को भी मानकों के अनुरूप नहीं बताया गया है। राजनीतिक कारणों से अब अ​धिकारी इस पर चुप्पी साध रहे हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी की तरफ से कहा गया है कि उनके काम में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है, उन्होंने इस बाउंड्री वॉल पर 22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।


7200 एकड़ जमीन में बनी बाउंड्री वॉल
पीडब्ल्यूडी ने जो बाउंड्री वॉल बनाई है, उस पर अकेले आंकड़ों के अनुसार 180 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पूरा एयरपोर्ट 7200 एकड़ में बना है। इस पूरी जमीन के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनाई गई है। इससे पहले 18 करोड़ रुपये से अस्थायी बाउंड्री वॉल बनाई गई थी। इसकी ऊंचाई आठ फुट रखी गई है।


अस्थायी बाउंड्री वॉल ही बना दी दीवार
सूत्रों की मानें तो जो अस्थायी वॉल बनाई गई थी, उसे ही पीडब्ल्यूडी ने स्थायी बाउंड्री वॉल बनाकर उपयोग कर लिया। डीजीसीए ने दीवार की जांच की तो उनको समझ नहीं आया कि यह 180 करोड़ रुपये की रा​शि कैसे खर्च कर दी गई। बिना नींव के ही आर्टिफि​शियल दीवार खड़ी कर दी गई है। इस कारण दीवार के नीचे से जंगली जानवर तक एयरपोर्ट में घुस रहे हैं।


प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए नींव भर रहे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। ऐसे में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए अब अ​धिकारी नींव भर रहे हैं क्योंकि जंगली जानवर इस दीवार के नीचे से एयरपोर्ट पर ​आ रहे हैं, जो किसी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। यह नींव दो फीट की बनाई जा रही है। एएआई सभी वन्य जीवों को एयरपोर्ट से बाहर करने में लगी हुई है ताकि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले ही सारे काम निपटा लिए जाएंगे। इस एयरपोर्ट का दो दिन पहले ही ट्रॉयल हुआ था। इस दौरान हिसार से दिल्ली एयर स्पेस चेक भी किया गा था।

शेड्यूल हुआ तैयार
हिसार एयरपोर्ट पर एक अप्रैल से 30 सितंबर तक का शेड्यूल तैयार हो गया है। है। ट्रॉयल के दौरान एटीआर विमानों ने यहां से उड़ान भरी थी। एक अप्रैल के बाद कभी भी यहां से छह जगहों के लिए फ्लाइट शेड्यूल तैयार कर लिया गया है। इसके लिए हरियाणा सरकार का एयर एविएशन लिमिटेड के साथ समझौता हुआ है। इस कंपनी को यदि टिकटों का घाटा हुआ तो उसका वहन हरियाणा सरकार करेगी। यह अनुबंध एक साल तक के लिए हुआ है।


रात को लेंडिंग की सुविधा नहीं
फिलहाल इस एयरपोर्ट पर रात को विमान नहीं उतर पाएंगे, क्योंकि यहां रात को लेडिंग की सुविधा नहीं है। सबसे पहले हिसार एयरपोर्ट से अध्योधा के लिए विमान उड़ान भरेंगे। इसके बाद जम्मू, देहरादून, चंडीगढ़, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए यहां से उड़ान शुरू होंगी। रात की सुविधा नहीं होने के कारण यहां से शाम को साढ़े छह बजे के बाद कोई भी फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकेगी।

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